Observing thyshelf
हर आदमी में होते हैं दस–बीस आदमी। जिसे भी देखना हो, कई बार देखना पड़ता है। पर इन सब आदमियों के बीच एक आदमी होता है— जो टकटकी लगाए सब आदमियों पर नज़र रखता है। शायद निदा फ़ाज़ली के कलम से जिसने इन शब्दों को कुरेदा, वह भी वही आदमी था। और जो अब लिख रहा है, वह भी वही आदमी है। पर , एक आदमी…
January 13, 2026• 2 views
लिखना है, पर अभी देख रहा