DVAND
द्वन्द्व
Observing thyshelf
हर आदमी में होते हैं दस–बीस आदमी। जिसे भी देखना हो, कई बार देखना पड़ता है। पर इन सब आदमियों के बीच एक आदमी होता है— जो टकटकी लगाए सब आदमियों पर नज़र रखता है। शायद निदा फ़ाज़ली के कलम से जिसने इन शब्दों को कुरेदा, वह भी वही आदमी था। और जो अब लिख रहा है, वह भी वही आदमी है। पर , एक आदमी…
1/13/2026• 2 views
In awe of the Law
कब तक काटेंगे एक Continuum को?
12/24/2025• 7 views
Digging Aurangzeb
12/23/2025• 1 views

ये कोई रंडीख़ाना है?
मेरे मित्र की नज़र एक मादा पर पड़ी—वह बत्तीस की थी, यौवन से लबरेज़। मर्द समाज सिर्फ़ छाती का माप और तशरीफ़ की circumference से target acquire कर लेता है।...
12/14/2025• 13 views