Mrs. Hume की चिड़िया
महान अंग्रेज़ी विद Shakespeare ने कहा था कि ‘नाम में क्या रखा है?’ पर एक चिड़िया के नाम में बहुत कुछ रखा है, क्योंकि ‘नाम क्या रखा है’ से ज़्यादा जिज्ञासा बढ़ाने वाली जानकारी — ‘नाम किसने रखा है, और किसके नाम पर रखा है’ — उसमें छिपी हुई है

चिड़िया लोग मस्त उड़ रही थीं — न डर, न भय।
दिगंबर हुईं, मदमस्त।
फिर, घूमते-घूमते अंग्रेज़ अफ़सर और Congress के संस्थापक, Shri Shri 108 Allan Octavian Hume, मिज़ोरम पहुँचे।
आज के भारत का ‘अंतिम छोर’ , जो तब नहीं था —
तब सीमाएँ गोरे साहब के मूड के हिसाब से बनती-बिगड़ती थीं।
प्रकृति से Hume साहब को बड़ा प्रेम था — और इस प्रेम में उनकी पत्नी ने भी भरपूर सहयोग दिया।
तो अंग्रेज़ों की नज़र सिर्फ़ Bharat नाम की ‘सोने की चिड़िया’ पर नहीं थी —
एक और रंग-बिरंगी चिड़िया थी, जिसे इंसान Mrs. Hume's Pheasant कहते हैं।
वैज्ञानिक नाम: Syrmaticus humiae
State Bird of Mizoram
चिड़िया है भाई!
Chee-Chaan-Choon में उसका काम आराम से चल जाता।
इतना फैंसी (आडंबरपूर्ण) नाम उसने नहीं माँगा।
यह नाम Hume साहब ने अपनी पत्नी के सम्मान में रखा — Mrs. Hume Pheasant।
चाहते तो पत्नी का असली नाम भी रख सकते थे।
शायद उन्हें feminism (नारीवाद) नहीं हुआ था।
अब वर्तमान की बात
हमारे प्रिय और यशस्वी Pradhanmantri ने Congress-mukt Bharat का प्रण लिया है,
और उसी भारत के अंतिम छोर पर एक चिड़िया उड़ रही है —
जिसके नाम में Congress के संस्थापक का अंश समाया हुआ है।
तो मेरा सरकार से विनम्र निवेदन है —
Wildlife Protection Act में एक Annexure जोड़ा जाए,
और Congressi DNA वाली इस चिड़िया का नाम तात्कालिक प्रभाव से बदला जाए।
हो सके तो Parliament का एक Special Session बुलाया जाए।
जानकार इसे समय की बर्बादी कहेंगे —
पर Sansad आजकल इसी expertise के लिए कुख्यात है।
मोदी और योगी जी अविवाहित हैं,
इसलिए Mrs. Advani's Pheasant भी चलेगा।
Bharat Ratna Advani जी को Pradhanmantri की कुर्सी तो नहीं मिली,
पर Mrs. Advani Pheasant —
एक उड़ती हुई याद, एक बैठी हुई व्यथा —
Congress के ताबूत की शब्दविहीन आख़िरी कील ज़रूर बन सकती है।