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Stealing the Frames of India

भारत में दूधमूहवा और माँ-बाप के दुलरुआ बाबू के अलावा एक और बाबू बिरादरी है । ये स्टील फ्रेम वाली बिरादरी में दाखिला दिलाने के लिए एक दलालों के फौज दिन-रात दुसवारी में रहती है। दोगलेपन के डबल हेलिक्स DNA वाली यह संस्थाए, नए भारत के नए लुटेरे हैं।

December 14, 202520 views
Stealing the Frames of India

देश में हर साल सिर्फ़ 100 IAS अफ़सर बनते हैं — सरकारी हिसाब-किताब के अनुसार।

100–200 तो मेरे पिताजी भी बना देते हैं
फलाने के लइकवा, धिकनवा के लइकवा।
और सब, सौभाग्यवश, ग़रीब ही होते हैं।

शायद ग़रीबी पर गढ़ी गई
फ़ेसबुकिया कहानी ज़्यादा बिकती है।

इन झूठी कहानियों को सच भी मान लें,
तो जोड़-जाड़ के दो सौ ही हुए।

ख़ैर,

देश में और भी IAS अफ़सर हैं — जैसे कि
Vision ‘IAS’,
Rau’s ‘IAS’

एक तो ऐसे भी हैं जो आज भी IAS हैं
और कल भी बनेंगे —
नाम है NEXT IAS

शायद किसी भगवान द्वारा बनाई इस सृष्टि का क्या होगा —
नहीं पता।

पर Vision IAS के हिंदी अनुवाद —
‘दृष्टि’ — का भी IAS एग्ज़ाम पास हो गया।

विकास दिव्यकीर्ति की
कीर्ति, यश और बैंक बैलेंस —
तीनों बढ़ रहा है।

भक्तों को क्या प्राप्त हुआ?
नहीं पता।

ख़ैर,

परीक्षा में सिर हम फोड़ रहे हैं,
और IAS ये बने बैठे हैं।

कायदे से इन कोचिंग संस्थानों का नाम होना चाहिए —

“फलानवा कोचिंग सेंटर
फॉर सिविल सर्विसेज़ एग्ज़ामिनेशन
एंड अदर रेलिवेंट एग्ज़ामिनेशन्स
(दारोगा, सिपाही, SSC
और जो आप से बन पड़े)”

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